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Instant Puranpoli Business

Description:

Introduction :

          इन्स्टंट पुरणपोळी और जमे हुए (Frozen) पुरणपोळी बनाने का व्यवसाय एक आधुनिक और भविष्य-उन्मुख उद्यम है जो पारंपरिक भारतीय मिठाइयों को एक नए रूप में प्रस्तुत करता है। यह व्यवसाय ग्राहकों को पुरणपोळी का पारंपरिक स्वाद, बिना किसी तैयारी के, तुरंत उपलब्ध कराता है। यह उन लोगों के लिए एक आदर्श समाधान है जिनके पास इसे बनाने का समय नहीं है। इस व्यवसाय में, तैयार पुरणपोळी को विशेष फ्रीजिंग तकनीक का उपयोग करके पैक किया जाता है, जिससे इसकी ताजगी और स्वाद लंबे समय तक बना रहता है। इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए, आपको विशिष्ट मशीनरी जैसे डो-मेकिंग मशीन, स्टफिंग मशीन, कुकिंग मशीन और विशेष फ्रीजिंग और पैकेजिंग उपकरण में निवेश करना होगा। यह व्यवसाय बड़े शहरों, अंतर्राष्ट्रीय बाजारों और उन सभी ग्राहकों के लिए एक बड़ा अवसर है जो गुणवत्ता और सुविधा को महत्व देते हैं।

 

Scope :

इन्स्टंट पुरणपोळी व्यवसाय का दायरा :
1) बदलती जीवनशैली और सुविधा की मांग: आज के समय में, शहरी क्षेत्रों में लोग बहुत व्यस्त हैं और पारंपरिक व्यंजन बनाने में लगने वाले समय को बचाना चाहते हैं। जमे हुए पुरणपोळी इस समस्या का एक उत्तम समाधान प्रदान करती है, क्योंकि इसे बस गरम करके तुरंत खाया जा सकता है। यह सुविधा इसे एक आकर्षक उत्पाद बनाती है।
2) पूरे साल की उपलब्धता: पुरणपोळी एक पारंपरिक व्यंजन है जिसे अक्सर त्योहारों पर बनाया जाता है। लेकिन, जमे हुए रूप में यह उत्पाद पूरे साल उपलब्ध रहता है। इससे ग्राहक अपनी पसंद का व्यंजन कभी भी और किसी भी समय खा सकते हैं।
3) विस्तारित बाजार पहुंच: पारंपरिक मिठाई की दुकानों के विपरीत, जमे हुए पुरणपोळी को आधुनिक खुदरा स्टोर, सुपरमार्केट, ऑनलाइन किराना स्टोर और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से बेचा जा सकता है। यह व्यवसाय को एक व्यापक और विविध ग्राहक आधार तक पहुंचाता है।
4) निर्यात की संभावना: जमे हुए खाद्य पदार्थों को आसानी से एक लंबी दूरी तक परिवहन किया जा सकता है। भारतीय व्यंजन विदेश में भी बहुत लोकप्रिय हैं, खासकर भारतीय प्रवासियों के बीच। अच्छी पैकेजिंग और लंबी शेल्फ लाइफ के साथ, जमे हुए पुरणपोळी को अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सफलतापूर्वक निर्यात किया जा सकता है।
5) विविध उत्पाद श्रृंखला: जमे हुए पुरणपोळी व्यवसाय में, आप सिर्फ एक प्रकार की पुरणपोळी तक सीमित नहीं हैं। आप विभिन्न स्वादों और आकारों में उत्पादों को पेश कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, आम की पुरणपोळी, खजूर की पुरणपोळी, या छोटे आकार की पुरणपोळी जो पार्टियों और समारोहों के लिए उपयुक्त हो, जैसे विकल्प प्रदान करके आप ग्राहकों को आकर्षित कर सकते हैं।

 

Demand :

इन्स्टंट पुरणपोळी व्यवसाय की मांग :
1) बदलती जीवनशैली: आज के शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में लोग समय की कमी के कारण पारंपरिक व्यंजन बनाने में झिझकते हैं। जमे हुए पुरणपोळी एक त्वरित और सुविधाजनक विकल्प प्रदान करती है, जिसे बस कुछ मिनटों में गरम करके खाया जा सकता है, जिससे इसकी मांग बढ़ रही है।
2) रेडी-टू-ईट (RTE) बाजार का विस्तार: भारत में रेडी-टू-ईट खाद्य उत्पादों का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। उपभोक्ता ऐसे उत्पादों को पसंद करते हैं जो कम समय में तैयार हो जाएं, खासकर जब वे घर से दूर हों या उनके पास खाना पकाने का समय न हो।
3) त्यौहारों पर मांग: भले ही पुरणपोळी एक पारंपरिक व्यंजन है जो त्योहारों पर बनाया जाता है, लेकिन जमे हुए संस्करण की मांग इन अवसरों पर बढ़ जाती है क्योंकि यह त्योहार की तैयारियों को आसान बनाता है।
4) खुदरा और ऑनलाइन बिक्री: जमे हुए पुरणपोळी को सुपरमार्केट, खुदरा स्टोर और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आसानी से बेचा जा सकता है। इससे यह उत्पाद उन ग्राहकों तक भी पहुंच पाता है जो पारंपरिक मिठाई की दुकानों तक नहीं जा पाते।
5) अंतर्राष्ट्रीय मांग: विदेशों में रहने वाले भारतीय अपने पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लेना पसंद करते हैं। अच्छी पैकेजिंग के साथ जमे हुए पुरणपोळी को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात किया जा सकता है, जिससे इसकी मांग और भी बढ़ जाती है।

 

Future :

इन्स्टंट पुरणपोळी व्यवसाय का भविष्य :
1) रेडी-टू-ईट (RTE) बाजार में वृद्धि: भारत में रेडी-टू-ईट बाजार का भविष्य बहुत उज्ज्वल है। अनुमान है कि यह बाजार 2025 तक $470 बिलियन तक पहुंच सकता है। इस वृद्धि का लाभ सीधे तौर पर जमे हुए पुरणपोळी जैसे उत्पादों को मिलेगा।
2) सरकारी प्रोत्साहन: भारत सरकार खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है, जैसे प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY)। इन योजनाओं से इस क्षेत्र में निवेश और विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।
3) निर्यात का अवसर: जमे हुए खाद्य उत्पादों की शेल्फ लाइफ लंबी होती है, जिससे उन्हें आसानी से निर्यात किया जा सकता है। यह व्यवसाय पश्चिमी देशों और मध्य पूर्व में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए एक बड़ा बाजार प्रदान करता है।
4) नवाचार और विविधीकरण: भविष्य में, इस व्यवसाय में नए स्वादों (जैसे चॉकलेट, आम, खजूर, आदि) और स्वस्थ विकल्पों (जैसे बाजरा या जई से बनी पुरणपोळी) को शामिल करके इसे और आकर्षक बनाया जा सकता है।
5) कोल्ड चेन लॉजिस्टिक्स का विकास: भारत में कोल्ड चेन लॉजिस्टिक्स (ठंडे भंडारण और परिवहन) के बुनियादी ढांचे में सुधार हो रहा है, जो जमे हुए खाद्य पदार्थों के वितरण को आसान और अधिक प्रभावी बनाएगा, जिससे इस व्यवसाय को मदद मिलेगी।

 

Machinery : 

1) आटा गूंथने की मशीन (Dough Kneading Machine)
2) दाल पकाने और पीसने की मशीन (Dal Cooking and Grinding Machine)
3) भरने और रोल करने की मशीन (Stuffing and Rolling Machine)
4) पकाने की मशीन (Cooking Machine)
5) त्वरित फ्रीजिंग मशीन (Blast Freezer)
6) वैक्यूम पैकेजिंग मशीन (Vacuum Packaging Machine

 

Raw Material :

1) चना दाल (Split Bengal Gram (Chana Dal) :
2) गुड़ या चीनी (Jaggery or Sugar)
3) घी और तेल (Clarified Butter (Ghee) and Oil)
4) मसाले (Spices)
5) पैकेजिंग सामग्री (Packaging Material)

 

Investment :

Capital Investment : Shed = 5 to 7 lakhs
Machinery = 5,00,000 – 7,00,000/-
Place Required : 500 – 800 sq ft
Government Subsidy : Available
Margins = Rs. 2 – 5 per Piece

 

अधिक जानकारी के लिए 7272971971 पर संपर्क करें।

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August 23, 2025

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