जानिए क्या होता है Artificial Intelligence ?

Artificial Intelligence –
विचारों को सच मे उतारणे के लिए अपनी क्षमताओं पर विश्वास करना जरूरी है | “

“क्या मशीन (Artificial Intelligence) भी हमारी तरह सोच सकते हैं ?” ये लाइन पढकर शायद आपको Robot मूवी याद आ गई होगी और ये भी लगता होगा की क्या ये संभव है ? जी हाँ ये संभव है उदाहरण के तौर पर लीजिए हॉग कॉग मे बनी सोफिया | सोफिया यानी ह्युमनॉइड रोबोट और AI का सबसे बड़ा उदाहरण | साथ ही आम तौर रोजाना हमारे उपयोग मे आनेवाले Artificial Intelligence के उदाहरण  है|

  • गूगल खोज
  • स्मार्ट सहायक (Smart assistants) जैसे सिरी और एलेक्सा
  • रोग मानचित्रण (Disease mapping) और भविष्यवाणी उपकरण
  • विनिर्माण (Manufacturing) और ड्रोन रोबोट
  • अनुकूलित, व्यक्तिगत स्वास्थ्य देखभाल उपचार के लिए तंत्रज्ञान
  • विपणन और ग्राहक सेवा के लिए संवादात्मक तंत्रज्ञान
  • स्टॉक ट्रेडिंग के लिए रोबो-सलाहकार
  • ईमेल पर स्पैम फ़िल्टर
  • सोशल मीडिया निगरानी उपकरण: खतरनाक सामग्री या झूठी खबरों के लिए
  • Spotify और Netflix से गाने या टीवी शो की सिफारिशें
  • छवि मान्यता सॉफ्टवेयर
  • Tesla सेल्फ ड्राइविंग कार

Artificial Intelligence इस तंत्रज्ञान के बारे में दुनिया को American Computer Scientist John McCarthy ने सबसे पहले सन 1956 में the Dartmouth Conference में बताया था| Artificial Intelligence (AI) या हिंदी में इसे कृत्रिम बुध्दि भी कहते है | आसान भाषा मे समझे तो आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का मतलब है कि इंसानों की सोचने की शक्ति, भावनाएं या कहें कि इंसानी विवेक मशीनों में डाल देना। Artificial Intelligence को कुछ इस प्रकार से बनाया गया है की वो इंसानों के तरह ही सोच सके, जैसे की इंसानी दिमाग किसी भी समस्या को कैसे सुलझाता है, क्या तकनिक होती है, फिर कैसे निर्णय करता है की क्या करना उचित होगा| हमारी जरूरतों को पूरा करने की कोशिश में Artificial Intelligence को और भी ज्यादा शक्तिशाली और ज्यादा मजबूत किया जा रहा हैं ताकि ये हमारे कठिन से कठिन काम बहुत आसानी से बीना थके कर सके| इसके कारण दुनियाभर में दिनबदिन AI तेजी से लोकप्रिय हो रहा है| इसकी बढती हुई स्पीड और डेटा के कारण बहुतसी कंपनी इस तंत्रज्ञान को अपनाना चाहते हैं| कुछ लोगों डर है की इसके कारण जॉब चली जाएगी ये तो है पर इसे डरने की जरूरत भी नही है AI से नई जॉब भी तो आयेगी जैसे की मशीनों को बनाना या खराब होने पर ठीक करना|

 Indian Express मे छप्पे लेख के मुताबिक दुनिया भर के देश AI के नेतृत्ववाली डिजिटल अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनने के लिए प्रयास कर रहे हैं, जिसका अनुमान है कि 2030 तक वैश्विक अर्थव्यवस्था में लगभग 15.7 ट्रिलियन डॉलर का योगदान होगा। प्रशिक्षित कार्यबल और एक उभरते हुए स्टार्टअप इकोसिस्टम में, AI- संचालित समाधानों के लिए एक प्रमुख योगदानकर्ता होने का एक अनूठा अवसर है जो स्वास्थ्य सेवा, कृषि, विनिर्माण, शिक्षा और कौशल में क्रांति ला सकता है। भारत आज आईटी इंडस्ट्री का पावर हाउस है | भारत में एक बड़ी युवा आबादी है जो AI को अपनाने के लिए कुशल और उत्सुक है। देश को मुख्य रूप से अपने बड़े AI-प्रशिक्षित कर्मचारियों की संख्या के आधार पर स्टैनफोर्ड AI वाइब्रैंसी इंडेक्स में दूसरा स्थान दिया गया है।  हमारे अग्रणी प्रौद्योगिकी संस्थान जैसे आईआईटी, आई.आई.टी.और एन.आई.टी. में AI शोधकर्ताओं और स्टार्टअप के नये निर्माण की क्षमता है।  भारत के स्टार्टअप AI के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, वित्तीय सेवाओं और अन्य डोमेन के साथ सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए नवाचार और विकास कर रहे हैं।

स्वास्थ के लिए AI

दुनिया भर के अस्पतालों में AI से संबंधित तकनीक के परीक्षण हुए हैं। और ये तकनीक COVID-19 के दौर मे स्वास्थ क्षेत्र मे AI का ज्यादा उपयोग किया गया जा रहा हैं और काफी मददगार साबित हुई है | जैसे की COVID-19 से बचने के लिए, MyGov द्वारा संचार सुनिश्चित करने के लिए AI- सक्षम चैटबोट का उपयोग | इसी प्रकार से, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने फ्रंटलाइन स्टाफ और डेटा एंट्री ऑपरेटरों के विशिष्ट प्रश्नों का जवाब देने के लिए अपने पोर्टल पर डिजिटल असिस्टेंट को तैनात किया है। AI में मशीन लर्निंग-आधारित डीप-लर्निंग एल्गोरिदम मरीजों के लिए भविष्य मे यह रोगियों के नब्ज को पकड़कर रोगों का शीघ्र पता लगाने और उनकी रोकथाम में सहायता कर सकता है। बेंगलुरु स्थित एक स्टार्ट-अप ने स्तन कैंसर के शुरुआती लक्षणों के लिए एक गैर-आक्रामक, AI-सक्षम तकनीक विकसित की है। 

कृषि के लिए AI

Indian express में आये लेख मे कृषि क्षेत्र में AI जल प्रबंधन, फसल बीमा और कीट नियंत्रण के लिए विकसित किए जा रहे हैं। सिंचाई प्रणाली की छवि पहचान, ड्रोन और स्वचालित बुद्धिमान निगरानी जैसी तकनीकें किसानों को अधिक प्रभावी ढंग से खरपतवारों को मारने, बेहतर फसलों की कटाई करने और अच्छी पैदावार सुनिश्चित करने में मदद कर सकती हैं।  सशक्त मौखिक भाषा समर्थनवाले वॉयस-आधारित उत्पादों से किसानों को सटीक जानकारी और अधिक सुलभ बनाने में मदद मिल सकती है।  जिसमें मौसम के पूर्वानुमान और मिट्टी की नमी की जानकारी देने के लिए मौसम की जानकारी देनेवाली तकनीक के साथ संयुक्त AI-आधारित निर्णय समर्थन मंच विकसित किया गया है, जो किसानों को पानी और फसल के संबंध में निर्णय लेने में मदद करेगा। आईसीआरआईएसएटी ने एक AI-पावर बुवाई ऐप विकसित किया है, जो स्थानीय फसलों की पैदावार और वर्षा पर मौसम के मॉडल और डेटा का अधिक सटीक भविष्यवाणी करने और स्थानीय किसानों को सलाह देता है कि वे अपने बीज कब लगाए।  इसके कारण किसानों के लिए उपज में 10 से 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। Indian express के नुसार बिहार में लागू किया गया एक AI-आधारित बाढ़ पूर्वानुमान मॉडल अब पूरे भारत को कवर करने के लिए विस्तारित किया जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि 2,50,000 वर्ग किलोमीटर के लगभग 200 मिलियन लोगों को बाढ़ आने के बारे में 48 घंटे पहले अलर्ट और चेतावनी मिले।  ये अलर्ट नौ भाषाओं में दिए गए हैं और विशिष्ट क्षेत्रों और गाँवों में स्थानीय हैं, जहाँ यह सुनिश्चित करने के लिए इन्फोग्राफिक्स और मानचित्रों का पर्याप्त उपयोग किया गया है।

शिक्षा के लिए AI

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने स्कूली पाठ्यक्रम में AI को एकीकृत किया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पास होने वाले छात्रों को डेटा साइंस, मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बुनियादी ज्ञान और कौशल मिले।  इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Meity) ने इस साल अप्रैल में एक “उत्तरदायी एआई फॉर यूथ” कार्यक्रम शुरू किया था, जिसमें सरकारी स्कूलों के 11,000 से अधिक छात्रों नेAI में बुनियादी पाठ्यक्रम पूरा किया।

AI बिज़नेस के लिए

जैसा की हमने देखा है की कुछ कंपनीयों मे इंसानों के जगह अब मशीन और रोबोट ने ली या कहे की उनके साथ काम करते है| और कुछ देशों के रेस्टोरेंट में रोबोट वेटर का काम करते हुए भी दिखे जा सकते हैं| यही नही आनेवाले दिनों मे जल्द से जल्द को डिलेवरी सर्विसेस  ड्रोन के इस्तेमाल से की जा सके | कंपनी को डेटा विश्लेषण के लिए बिना ज्यादा पैसे और समय भुगतान किऐ है| AI सबकुछ बहुत ही आसानी से कर देता है| विश्लेषकों का अनुमान है कि AI 2035 तक भारतीय अर्थव्यवस्था में 957 बिलियन डॉलर तक की मदद कर सकता है। भारत में AI के लिए अवसर बहुत बड़ा है, क्योंकि इसके कार्यान्वयन की गुंजाइश है।  2025 तक, डेटा और AI भारतीय अर्थव्यवस्था में $ 500 बिलियन और लगभग 20 मिलियन नौकरियों को जोड़ सकते हैं।

यात्रा और आतिथ्य

संयुक्त क्षेत्र में प्लेटफ़ॉर्म शामिल हैं जो टिकट बुकिंग और होटल आरक्षण, और एग्रीगेटर ऐप जो ऑनलाइन भोजन ऑर्डर करने और वितरण करने में सक्षम होते हैं। AI का उपयोग ऑनलाइन या डिजिटल मार्केटप्लेस प्लेटफॉर्म पर सेवा प्रदाताओं के साथ उपभोक्ता को जोड़ने के लिए किया जाता है।  इस क्षेत्र में जो फर्म AI का उपयोग कर रही हैं, उनमें घरेलू फर्में शामिल हैं – Zomato, Ola, Oyo, Make my trip

                                                                                      -आम्रपाली तावरे 

ज्ञान की नींव मजबूत करें और खुद को विकसित करें।”

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