बिज़नेस पंजीकरण कैसे करे……

विचारों को सच मे उतारणे के लिए अपनी क्षमताओं पर विश्वास करना जरूरी है | “

बिज़नेस पंजीकरण करना है तो इन बातों की जानकारी होनी जरूरी हैं|

व्यवसाय शुरू करते वक्त आपका ध्यान पहले तो व्यवसाय कैसे सेट अप करना है, इस की तरफ ज्यादा होता है हालाँकि, इसके साथ ही जब आप एक उद्यमी के रूप में अपना काम करना शुरू करते हैं, तो आपको अपनी कंपनी को पंजीकृत करना भी बहुत जरूरी है । तो इस आर्टिकल मे हम समझ लेंगे की अपने बिज़नेस का प्रकार को समझ कर बिज़नेस पंजीकृत कैसे, कहा करना है और उसके लिए कौन से दस्तावेज़ लगेंगे|

पंजीकरण तीविधी :

एक कंपनी को कंपनियों की धारा ३  के अनुसार, १९५६ कंपनी अधिनियम के तहत पंजीकृत और गठित करने की एक कानूनी इकाई है। आपको अपनी एक नई कंपनी को पंजीकृत करने के लिए कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय यानी Ministry of Corporate Affairs (MCA) को एक आवेदन प्रस्तुत करना पडता है साथ ही पंजीकरण के लिए, आपको अन्य चीजों के साथ एक डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC), और डायरेक्टर आइडेंटिटी नंबर (DIN) की आवश्यकता होगी।

बिज़नेस पंजीकरण करने की प्रक्रिया पहले तो जटिल होती थी | जिसे पंजीकरण करना है उसे सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पडते थे, पर अब कंपनी अधिनियम  २०१३  के तहत कॉर्पोरेट  मंत्रालय (MCA) ने सरकार के साथ किसी भी प्रकार की नई कंपनियों को पंजीकृत करने की प्रक्रिया को ऑनलाइन कर आसान बना दिया है। प्रत्येक दस्तावेज को इलेक्ट्रॉनिक रूप से दायर किया जा सकता है, जिसके कारण आपकी दफ्तरों के चक्कर लगाने की मेहनत कम और समय की बचत होती हैं | बशर्ते आपके पास अपने सभी दस्तावेज मौजूद हों, तो आप अपनी कंपनी को सात दिनों के भीतर पंजीकृत करवा सकते हैं।

MCA  वेबसाइटपर अलग अलग फॉर्म  उपलब्ध है |

आप form INC – 19 Integrated incorporation form भरे और  submit करे | INC form भरने के बाद चलान जनरेट कर stamp duty का भुगतान करना पड़ता है| उसके बाद  Submit किये गये Form के साथ डॉक्यूमेंटस, पेमेंट डिटेल्स की जाँच की जाती है | साथ मे कंपनी के डोमेन नाम ( if available)  की भी जाँच की जाती है, की इस नाम की कोई कंपनी पहले से ही तो Registered नहीं है, अगर है तो आपका Form reject हो जायेगा और फिर से नया नाम सोचकर Apply करना पड़ेगा | पर अगर Registered नहीं है तो आपका काम हो सकता है| कई मामलों में,  ब्रॅंड के  अत्यधिक समानता के कारण अपना नाम बदलना पड़ा है। कंपनी रजिस्टर करने से पहले नाम की समीक्षा करने के लिए एक वकील द्वारा कानूनी जांच पडताल कर सकते हैं | इसके अलावा, डोमेन नाम के लिए कई एक्सटेंशन उपलब्ध हैं, 

जैसे की .com या .in  

 विभिन्न व्यवसाय संरचनाएं

Your Story के मुताबिक एक संस्थापक  के रूप में, आपको अपने स्टार्टअप के प्रकार के बारे में और नाम को लेकर स्पष्ट होना चाहिए। क्योंकि पंजीकरण करने के लिए, आपको प्रत्येक प्रकार की तकनीकीताओं के बारे में पता होना चाहिए। आप एकमात्र स्वामित्व, निजी सीमित, सार्वजनिक सीमित, साझेदारी और सीमित देयता भागीदारी इन व्यवसाय के प्रकार चुनना होगा। भारत में पाँच मुख्य प्रकार की कंपनियाँ हैं जिन्हें आप पंजीकृत कर सकते हैं:

एकल स्वामित्व (PROPRIETARY)

भारत में कंपनी पंजीकरण का सबसे आसान तरीका है एकमात्र स्वामित्व। यानी आप खुद अकेले अपने कंपनी के एकमात्र मालिक होते है और एकमात्र स्वामित्व के वजह से सभी प्रकार  के लाभ सिर्फ आपको ही मिलता है| इसके लिए किसी भी सरकारी पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है, कोई सरकारी नियामक कागजी कार्रवाई नहीं होती है, आपको दोहरे कराधान देने की आवश्यकता भी नहीं होती है, इनकम टैक्स रिटर्न केवल अपनी आय पर देंना होता है| 

 पंजीकरण करने से पहले, आपको निम्नलिखित दस्तावेज रखने की जरूरत होगी:

  • आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • बैंक खाता
  • पंजीकृत कार्यालय प्रमाण (किराये का समझौता या उपयोगिता बिल)

जब आपके पास ये दस्तावेज है, तो आप पंजीकरण प्रमाणपत्र के लिए किसी भी चार्टर्ड अकाउंटेंट से संपर्क कर सकते हैं|

एक व्यक्ति कंपनी (One-person company)

२०१३  में भारत सरकार द्वारा वन पर्सन कंपनी (OPC) नामक एक नए प्रकार की व्यावसायिक संरचना शुरू की गई थी| जिसमे कंपनी का पूरा नियंत्रण सिर्फ एक व्यक्ति के हाथों में होता है | एक व्यक्ति एक कंपनी में १०० प्रतिशत अपना अधिकार बनाए रखते हुए कंपनी का एकमात्र निदेशक हो सकता है। उसके वजह से आपको बैंकों से ऋण प्राप्त करना आसान होता है, निदेशक की व्यक्तिगत संपत्ति किसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना की स्थिति में जोखिम में नहीं होगी, कानूनी मान्यता के साथ प्रबंधन में आसानी होती है|

एक-व्यक्ति कंपनी को पंजीकृत करने के लिए डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र (DSC) और निदेशक पहचान संख्या (DIN) प्राप्त करें, इसके बाद नाम अनुमोदन के लिए आवेदन करें|

 आवश्यक दस्तावेज़:

  • मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (MOA)
  • एसोसिएशन के लेख (AOA)पंजीकृत कार्यालय का प्रमाण
  • निदेशक का शपथ पत्र और सहमति
  • एक घोषणा कि सभी अनुपालन किए गए हैं|
  • कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) के साथ सभी फॉर्म फाइल करें|
  • निगमन का अपना प्रमाण पत्र लीजिए|                                                                                                                                                          

साझेदारी फर्म

यदि आप अपने व्यवसाय को भागीदारी में करना चाहते हो तो साझेदारी फर्म एक अच्छा विकल्प है | अगर आप चाहे तो आप साझेदारी फर्म भारतीय भागीदारी अधिनियम, १९३२ मे पंजीकृत कर सकते हैं| आपको बस एक साझेदारी विलेख की आवश्यकता है जो भागीदारों के बीच एक समझौता हो और इस समझौते में भागीदारों के बीच सभी कर्तव्यों और दायित्वों को और लाभ कैसे साझा किया जाएगा इसकी जानकारी शामिल कि गयी होनी चाहिये | इसके साथ ही सभी भागीदारों का नाम और पता, साझेदारी फर्म का नाम और पता, फर्म शूरू करने की तारीख, प्रत्येक भागीदार ने कितनी पूंजी लगाई है, भागीदारों के बीच लाभ कितने हिस्से मे साझा होगी, साझेदारों को वेतन या कमीशन देना होगा, प्रत्येक साथी के अधिकार, अन्य खंड जो परस्पर सहमत हैं ये सब बाते इसमें लिखित होने चाहिए | साझेदारी कंपनियां बनाने में आसान और सुविधाजनक है, साझेदारों के बीच जोखिम साझा किया जाता है, एमसीए को वार्षिक रिटर्न जमा करने की आवश्यकता नहीं होती है, संविधिक लेखा परीक्षण अनिवार्य नहीं होता है ये लाभ साझेदारी कंपनियों के होते है|

सीमित देयता कंपनी (Limited liability company)

सीमित देयता कंपनी (LLC) अन्य व्यावसायिक संरचनाओं, निगम साझेदारी और एकमात्र स्वामित्व का लाभ उठाती है। LLC अन्य व्यावसायिक संरचनाओं की तरह व्यवसाय ऋण के लिए उत्तरदायी नहीं हैं| LLC में कागजी कार्रवाई अन्य पंजीकरणों की तुलना में बहुत कम है। एलएलसी अपने सदस्यों को व्यक्तिगत ऋण और कानूनी सुनवाई जैसी देनदारियों से सुरक्षित रखते हैं। इसे आप आय, व्यय और लाभ मालिक के कर रिटर्न का हिस्सा बन जाते हैं। एलएलसी में, किसी को एक संगठन को चलाने के लिए व्यवसाय संरचना का पालन करना आवश्यक नहीं है।

एल.एल.सी. कैसे सेट करें?

  • ऑनलाइन फॉर्म भरकर DPIN (नामित साझेदार पहचान संख्या) के लिए आवेदन करें।
  • अपने डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र को प्राप्त करें और इसे MCA पोर्टल पर पंजीकृत करें।
  • कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय से अपने एल.एल.सी. नाम के लिए अनुमोदन प्राप्त करें।
  • अनुमोदन के बाद, एल.एल.सी. को पंजीकृत करने और एल.एल.सी.समझौते को प्राप्त करने के लिए निगमन फॉर्म भरें।

 प्राइवेट लिमिटेड कंपनी

एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी उर्फ ​​लिमिटेड एक प्रकार की कंपनी है जिसमें न्यूनतम दो और अधिकतम २०० सदस्य होते हैं।  जैसा कि नाम से पता चलता है, यह जनता से धन नहीं जुटा सकता है, जिसका अर्थ है कि कंपनी सार्वजनिक रूप से शेयर जारी नहीं कर सकती है। एक लिमिटेड स्थापित करने के लिए कोई भुगतान – योग्य पूंजी की आवश्यकता नहीं है।

कंपनी के मालिक का कंपनी के ऋण के संबंध में दायित्व केवल उसके शेयरों तक ही सीमित रहते है। कंपनी के शेयर आसानी से दूसरे व्यक्ति के लिए ट्रांसफर हो जाते हैं। कंपनी डिबेंचर जारी कर सकती है और सार्वजनिक प्लेटफार्मों से धन प्राप्त कर सकती है, जिससे धन जुटाना आसान हो जाता है। लिमिटेड में अधिक कर लाभ हैं और लागू कर का प्रतिशत भी अन्य प्रकार के कंपनी पंजीकरणों की तुलना में कम है।

 प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का पंजीकरण कैसे करें

  • डायरेक्टर्स आइडेंटिफिकेशन नंबर (DIN) प्राप्त करें, जो एक अद्वितीय कोड है जिसके लिए आपको पैन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक स्टेटमेंट, फोन और बिजली बिल की आवश्यकता होती है|
  • उसके बाद, एक नाम पंजीकरण आवेदन दायर करना होगा।
  • अब, आपको MOA और AOA का मसौदा तैयार करना होगा। MOA कंपनी की वस्तुओं को बताता है जबकि AOA कंपनी के नियमों और नियमों को निर्दिष्ट करता है।
  • अब MCA की वेबसाइट पर SPICE-E फॉर्म के माध्यम से आवेदन करें और PAN और TAN एप्लिकेशन प्राप्त करें।
  • (Note-This information is collected through various sources*)

– आम्रपाली तावरे

ज्ञान की नींव मजबूत करें और खुद को विकसित करें।”

 

 

Share this:
November 4, 2020

0 responses on "बिज़नेस पंजीकरण कैसे करे......"

    Leave a Message

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    All Right Reserved.
    Translate »